दिल ने तुझसे बिछड़कर भी वफ़ा की बात कीरात ने चुपके से चाँद से दुआ की बात की।
याद की बारिश में भीगते रहे उम्र भर
हर बूंद ने तेरे होने की अदा की बात की।
हमने खामोशियों को भी पढ़ना सीख लिया,
तेरी आँखों ने जो अनकही सदा की बात की।
तेरी आँखों ने जो अनकही सदा की बात की।
वक़्त की भीड़ में खो न जाए पहचान कहीं,
इश्क़ ने सबसे पहले ख़ुदा की बात की।
तेरी यादों ने फिर आज दस्तक दी है,
नींद की आँखों में भी जागी सी बात की है।
शहर की भीड़ में तन्हा-सा रह जाता हूँ,
हर सूरत ने तेरी ही तस्वीर सी बात की है।
हमने हर मोड़ पे उम्मीद को थामा मगर,
वक़्त ने अपनी ही रफ़्तार से बात की है।
चुप की आवाज़ को सुनना जो आ जाए तो,
ज़िंदगी ने बहुत साफ़ इशारों से बात की है।