तेरे बिना भी तेरा एहसास साथ रहता है यही तो इश्क़ है जो हर हाल में खास रहता है।
नज़रों से जो बात हुई वो लफ़्ज़ों में कहाँ दिल आज भी उसी पल के पास रहता है।
तेरी आदत-सी हो गई है मुझे अब तुझसे दूरी भी मुलाक़ात लगती है।
दिल हर रोज़ तुझसे कुछ कहना चाहता है,
पर तेरी एक मुस्कान में सब कह जाता है।
तेरा नाम लूँ तो सुकून मिल जाता है,
जैसे बिखरे ख़्वाबों को जून मिल जाता है।
तेरी मौजूदगी ही काफ़ी है मेरे लिए,
वरना दिल को कहाँ हर कोई अच्छा लगता है।
तेरी एक नज़र से दिल ठहर-सा जाता है,
हर शिकायत का जवाब उसी में आ जाता है।
तू साथ हो तो दुनिया छोटी लगती है,
तेरे बिना हर ख़ुशी अधूरी लगती है।
तेरी बातों में वो मिठास है,
जो हर दर्द को ख़ामोश कर दे।
तू पास हो या दूर सही,
दिल सिर्फ़ तुझसे ही बात कर ले।