तेरी एक नज़र ने सब कुछ बदल डाला,
जो ख़ामोश था दिल, उसी ने सवाल डाला।
तू साथ हो तो हर राह आसान लगती है,
तेरी कमी में भी तेरी पहचान लगती है।
ख़ामोशी ने आज दिल की कहानी कह दी,
बिन लफ़्ज़ों के भी उसने पूरी ज़ुबानी कह दी।
तेरी यादों का दिया जब भी जला रातों में,
अँधेरों ने भी चुपचाप उजाला मान लिया।
हमने चाहा तो बहुत ख़ामोशी से तुझे,
शोर इतना था कि दिल भी सुन न पाया।
तेरी एक मुस्कान ही काफ़ी थी समझाने को,
दिल ने फिर कोई और बहाना नहीं माँगा।
वक़्त ने पूछ लिया हमसे हमारी पहचान,
हम मुस्कुरा दिए—तेरा नाम याद आ गया।
तेरी यादों का सफ़र यूँ ही नहीं रुकता है,
दिल हर मोड़ पर तुझे ही मंज़िल मान लेता है।
तेरी खामोशी में भी सुकून-सा मिलता है,
शायद इसी को दिल सच्ची मोहब्बत कहता है।