"राहों में तेरे हम खो गए,
मगर अब हम खुद से दूर हो गए।
यादों में तेरे जी रहे हैं हम,
जैसे किसी ख्वाब में सो गए।"
"दिल में तेरे नाम का वो असर था,
अब तुम्हारी यादों का ही कशर था।
कभी पास थे तुम, अब दूर हो,
आग में जलते हुए भी हम डर थे।"
"कुछ बातें रह गई हैं अधूरी,
कुछ ख्वाब हैं अब भी कोरी।
तेरे बिना जीना हो रहा है मुश्किल,
मेरे दिल की हर धड़कन तू ही थी, अब वो खामोश है।"
"तेरे बिना जीने की तो कोई वजह नहीं,
फिर भी जी रहे हैं हम तक़दीर की वजह से।"
तुमसे मिलने के बाद, अब किसी से मिलने का दिल नहीं करता,
तुम्हारे बिना, अब और किसी को अपना दिल नहीं करता।
इश्क़ में मिले थे हम, अब हमसे दूरियां क्यों बढ़ गईं,
जो कभी बहुत करीब थे, आज क्यों इतनी दूरियाँ बढ़ गईं।
तुमसे बिछड़कर कुछ भी अच्छा नहीं लगता,
तुमसे दूर रहकर हर पल कुछ अधूरा सा लगता है।
खुश रहना अब तुम्हारे बिना भी, सिख लिया है मैंने,
पर दिल को यह समझाना अब थोड़ा मुश्किल है मैंने।
वो कह रहे थे, तुमसे ज्यादा हम किसी से नहीं प्यार करेंगे,
अब वो किसी और के साथ है, यह देखकर हमारा दिल बिखरेंगे।