1
दिल की किताब में तेरा ही नाम लिखा,
हर दर्द को हमने मुस्कुराकर सहा,
लोग पूछते हैं वजह हमारी खामोशी की,
कैसे बताएँ किसने हमें यूँ तनहा किया।
2
वक़्त की चाल समझ में आती नहीं,
हर खुशी ज्यादा देर ठहरती नहीं,
जो अपने थे वो दूर हो गए,
ज़िंदगी किसी की होकर रहती नहीं।
3
तेरी यादों का असर आज भी है,
दिल में एक सफर आज भी है,
चाहे तू पास नहीं मेरे,
मोहब्बत का हुनर आज भी है।
4
खामोशी बहुत कुछ कह जाती है,
तन्हाई भी सब सह जाती है,
जब दिल टूटता है अंदर से,
आँखें ही राज़ बता जाती हैं।
5
मंज़िल की तलाश में निकले थे,
रास्तों ने ही थका दिया,
जिन पर भरोसा किया हमने,
उन्होंने ही हमें सिखा दिया।
6
चाँद भी आज उदास लगता है,
रात का हर लम्हा खास लगता है,
शायद किसी की कमी है दिल में,
जो हर ख्वाब अधूरा लगता है।
7
रिश्तों का मतलब समझ न पाए,
हर मोड़ पर खुद को आज़माए,
जिसे समझा था अपना हम,
वही दर्द देकर मुस्कुराए।
8
दिल से निकली हर दुआ तेरे नाम हुई,
हर सुबह तेरी शाम हुई,
हम तो बस तुझे चाहते रहे,
चाहत ही हमारी पहचान हुई।
9
तेरी मुस्कान में सुकून मिलता था,
तेरी बातों में जुनून मिलता था,
अब सब कुछ सूना लगता है,
जब तू पास नहीं मिलता था।
10
हर ख्वाब में तेरा चेहरा है,
हर सांस में तेरा बसेरा है,
तू दूर सही मगर सच है,
दिल आज भी तेरा है।
11
ज़िंदगी ने बहुत कुछ सिखाया,
हर मोड़ पर हमें आज़माया,
जिसे समझा था हमसफ़र अपना,
उसी ने बीच राह में छोड़ा।
12
तेरे बिना सब फीका है,
हर रंग अधूरा सा है,
मोहब्बत का ये कैसा खेल,
जिसमें दिल ही टूटा सा है।
13
दर्द की भी अपनी कहानी है,
हर आह में छुपी निशानी है,
जो हँसते हैं दुनिया के सामने,
उनकी आँखों में भी पानी है।
14
उम्मीदों का दीप जलाया था,
ख्वाबों का घर बसाया था,
वक़्त ने ऐसा खेल खेला,
सब कुछ पल में मिटाया था।
15
तेरी यादों से रिश्ता है,
दिल का ये सस्ता नहीं है,
तू चाहे भूल भी जाए,
हमारा प्यार सच्चा ही है।
16
हर लम्हा तुझे पुकारता है,
दिल तुझ पर ही मरता है,
तू चाहे कितना दूर रहे,
ये इश्क़ कम नहीं पड़ता है।
17
रात की खामोशी में सुकून है,
तेरी यादों का जुनून है,
दिल तो आज भी तेरा है,
बस हालातों का कानून है।
18
किस्मत ने अजीब खेल खेला,
दिल को ही बना दिया अकेला,
जिसे चाहा सबसे ज्यादा,
उसी ने दर्द का दिया मेला।
19
तेरी बातों में जादू था,
तेरी आँखों में काबू था,
अब सब कुछ बिखरा लगता है,
जब तू ही ना रूबरू था।
20
मोहब्बत में सुकून भी है,
मोहब्बत में जुनून भी है,
जो सच्चा दिल से करे इसे,
उसी के हिस्से सुकून भी है।
21
दिल की हालत कौन समझे,
आँखों की बरसात कौन समझे,
सब कहते हैं मुस्कुरा दो,
भीतर की बात कौन समझे।
22
तेरे जाने का ग़म आज भी है,
दिल में वही सनम आज भी है,
वक़्त बदल गया मगर,
हमारा इश्क़ कम आज भी है।
23
हर खुशी अधूरी लगती है,
तेरी कमी ज़रूरी लगती है,
भीड़ में भी तन्हा हैं हम,
तेरी याद ही पूरी लगती है।
24
राहों में कांटे ही कांटे मिले,
अपनों से ही ज़ख्म मिले,
फिर भी मुस्कुराते रहे हम,
जिंदगी से हर सबक मिले।
25
तेरी तस्वीर संभाले बैठे हैं,
यादों को दिल में पाले बैठे हैं,
तू आए या ना आए कभी,
हम उम्मीदों के सहारे बैठे हैं।
26
हर बात में तेरा जिक्र है,
हर धड़कन में तेरा फिक्र है,
तू चाहे दूर सही मगर,
दिल को तुझी से इश्क़ है।
27
सपनों का शहर बसाया था,
तेरे नाम से सजाया था,
वक़्त ने सब छीन लिया,
जो दिल ने कभी चाहा था।
28
तेरी हँसी मेरी जान थी,
तेरी खुशी मेरी पहचान थी,
अब सब कुछ खाली लगता है,
जब तू ही मेरी शान थी।
29
ख्वाब टूटे तो दर्द हुआ,
दिल छूटा तो दर्द हुआ,
मोहब्बत अधूरी रह गई,
हर पल बस दर्द हुआ।
30
हमारी कहानी यूँ खत्म हुई,
खामोशी में ही दफ्न हुई,
तू खुश रहे जहाँ भी हो,
बस यही दुआ हर दम हुई।

Comments
Post a Comment