शीर्षक: “मीटिंग में महान चुप्पी”
वो मानता था कि जो ज़्यादा बोले, वही ज़्यादा फँसे।
एक दिन बॉस ने मीटिंग में पूछा,
“कोई आइडिया?”
पूरा ऑफिस चुप।
रमेश भी चुप… लेकिन कॉन्फ़िडेंट।
अचानक बॉस ने कहा,
“रमेश, तुम कुछ नहीं बोल रहे हो… लगता है बहुत सोच रहे हो।”
रमेश डर गया, पर बोला नहीं।
बस हल्का-सा सिर हिला दिया।
बॉस खुश होकर बोले,
“Very good! यही confidence चाहिए।”
अगले दिन बॉस ने सबके सामने ऐलान किया,
“Project lead रमेश होगा।”
पूरे ऑफिस को झटका लगा।
रमेश को भी।
प्रोजेक्ट शुरू हुआ। सब बोले,
“सर, प्लान क्या है?”
रमेश बोला,
“पहले… मीटिंग करेंगे।” 😆
तीन मीटिंग्स के बाद बॉस ने पूछा,
“रमेश, रिज़ल्ट कहाँ है?”
रमेश बोला,
“सर, अभी हम deep thinking phase में हैं।”
बॉस खुश!
टीम परेशान!
अंत में प्रोजेक्ट तो टीम ने पूरा किया,
पर प्रमोशन रमेश को मिला।
सीख (ऑफिस स्टाइल):
मीटिंग में ज़्यादा मत बोलो…
कभी-कभी चुप्पी भी सीनियर बनाती है 😂
