प्रेम कहानी ❤️❤️ ❤️ ❤️ ❤️
गाँव की कच्ची सड़क के किनारे एक पुराना पीपल था। वहीं बैठकर आर्यन हर शाम किताब पढ़ा करता था। उसी रास्ते से अनन्या रोज़ स्कूल से लौटती थी। नज़रें मिलतीं, मुस्कान ठहर जाती—और बात बस यहीं तक रहती।
एक दिन बारिश आई। अनन्या पीपल के नीचे रुकी। आर्यन ने बिना कुछ कहे अपनी किताब ऊपर कर दी, ताकि उस पर पानी न गिरे। उसी ख़ामोशी में एक रिश्ता शुरू हो गया।
दिन बीते। बातें बढ़ीं। सपने बुने गए। लेकिन शहर बुला रहा था—आर्यन को पढ़ाई के लिए जाना पड़ा। जाते वक़्त अनन्या ने बस इतना कहा,
“लौटना… चाहे देर से ही सही।”
सालों बाद आर्यन लौटा। वही पीपल, वही रास्ता—और उसी जगह अनन्या खड़ी थी। समय बदला था, लोग बदले थे, पर आँखों की भाषा वही थी।
आर्यन ने मुस्कुराकर कहा,
“मैं देर से आया, पर वादा निभाने।”
अनन्या की आँखों में नमी थी, होंठों पर सुकून।
कुछ प्रेम कहानियाँ इंतज़ार से और भी ख़ूबसूरत हो जाती हैं।
अगर आप चाहें तो मैं इसे
