1.
जिसे चाहा था हमने खुद से भी ज्यादा,
वही आज हमारी खामोशी का जवाब होता है,
दिल अब भी उसी राह पर ठहरा है,
जहाँ उसका इंतज़ार बेहिसाब होता है।
2.
आँखों में छुपा लिया है दर्द सारा,
होंठों पर अब भी मुस्कान हमारा,
किसे बताएँ हाल-ए-दिल अपना,
जब अपना ही बन गया किनारा।
3.
वो जो कहते थे साथ निभाएंगे,
आज वही सबसे दूर नजर आएंगे,
कितना अजीब है ये रिश्ता,
जिसे चाहो वही रुलाएंगे।
4.
दिल टूटे तो आवाज नहीं आती,
हर खुशी फिर पास नहीं आती,
जिसे अपना समझा था हमने,
वो ही अब यादों से जाती नहीं।
5.
खामोशी में भी दर्द छुपा होता है,
हर हँसी के पीछे ग़म बड़ा होता है,
लोग कहते हैं वक्त सब ठीक करेगा,
पर हर जख्म कहाँ भरा होता है।
6.
तेरी यादें अब भी सताती हैं,
रातों में चुपके से रुलाती हैं,
नींद भी अब रूठ गई है,
बस तन्हाई साथ निभाती है।
7.
किस्मत ने कुछ ऐसा खेल खेला,
जिसे चाहा वही बन गया झमेला,
अब तो दिल भी डरता है,
फिर से किसी को अपना कहने में अकेला।
8.
तेरी तस्वीर से बातें करते हैं,
हर पल तुझे याद करते हैं,
तू लौट आए एक बार,
बस यही दुआ करते हैं।
9.
मुस्कुराना अब आदत बन गई,
दर्द छुपाना भी राहत बन गई,
लोग समझते हैं खुश हूँ मैं,
पर तन्हाई ही मेरी चाहत बन गई।
10.
वो जो मेरे दिल का सुकून था,
आज वही सबसे दूर जुनून था,
समझ ना पाए हम उसकी खामोशी,
शायद वो पहले से ही बेगुनाह था।
11.
हर रात आंसू साथ सोते हैं,
ख्वाब भी अब डर से रोते हैं,
तेरी याद का साया ऐसा है,
दिन में भी अंधेरे होते हैं।
12.
जिसे अपना कहा था कभी,
आज वही अजनबी सा लगे,
दिल का क्या कसूर था इसमें,
जो हर बार वही जले।
13.
टूटा है दिल तो दर्द होगा,
हर खुशी में भी ग़म होगा,
जिसे चाहा दिल से ज्यादा,
वो ही सबसे कम होगा।
14.
तेरी राह में खड़े रहे हम,
तू किसी और का हो गया सनम,
अब किससे शिकायत करें,
जब किस्मत ही हो गई बेरहम।
15.
आंसू बहते रहे खामोशी में,
दिल जलता रहा बेबसी में,
कोई समझ ना पाया हमें,
हम खो गए अपनी ही हँसी में।
16.
तेरी यादों का बोझ भारी है,
दिल की हालत अब लाचारी है,
तू तो आगे बढ़ गया शायद,
पर मेरी दुनिया अब भी तुम्हारी है।
17.
खुद को संभाल लिया है हमने,
पर दिल अब भी टूटा है,
दुनिया के सामने मुस्कुराते हैं,
अंदर से सब कुछ रूठा है।
18.
वो जो कभी मेरा हुआ करता था,
आज बस एक सपना लगता है,
दिल अब भी उसे ढूंढता है,
पर वो कहीं खोया सा लगता है।
19.
सफर अधूरा रह गया,
साथ हमारा छूट गया,
दिल अब भी वहीं ठहरा है,
जहाँ तेरा हाथ छूट गया।
20.
हर धड़कन में दर्द बसा है,
हर लम्हा तुझसे जुड़ा है,
तू चाहे भूल जाए मुझे,
पर मेरा दिल अब भी तेरा है।
21.
कितनी दफा समझाया दिल को,
पर ये मानता ही नहीं,
जिसे खो दिया है हमने,
वो लौटकर आता ही नहीं।
22.
तेरी यादों का साया है,
हर तरफ बस अंधेरा छाया है,
रोशन थी जो जिंदगी कभी,
अब ग़म ने उसे मिटाया है।
23.
दिल की किताब का आखिरी पन्ना था तू,
मेरी हर खुशी का गहना था तू,
आज सब खाली सा लगता है,
क्योंकि मेरी दुनिया का सपना था तू।
24.
तेरे बिना हर शाम अधूरी है,
दिल की धड़कन भी मजबूरी है,
कहने को तो सब ठीक है,
पर अंदर से जिंदगी टूटी-फूटी है।
25.
रिश्ते कागज जैसे हो गए,
थोड़ी सी नमी में रो गए,
जिसे अपना समझ बैठे थे,
वो ही हमसे दूर हो गए।
26.
तेरी हँसी अब याद आती है,
हर पल दिल को सताती है,
तू खुश रहे कहीं भी,
बस यही दुआ रह जाती है।
27.
जख्म दिल के दिखते नहीं,
दर्द लफ्जों में सिमटते नहीं,
कहने को तो सब ठीक है,
पर हालात कभी बदलते नहीं।
28.
तेरे बिना जीना सीख लिया,
आंसुओं को भी पीना सीख लिया,
दिल अब भी तेरा है शायद,
पर खुद को हमने सीना सीख लिया।
29.
मोहब्बत में ऐसा भी वक्त आता है,
जब अपना ही दिल रुलाता है,
जिसे चाहो सबसे ज्यादा,
वही सबसे ज्यादा सताता है।
30.
अब शिकायत नहीं किसी से,
न गिला है किसी बात का,
बस एक खामोश सी उदासी है,
जो नाम लेती है तेरे साथ का।

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