1
तेरी यादों का उजाला अभी बाकी है,
मेरे दिल में वो हवाला अभी बाकी है,
रात ढलती रही खामोश सितारों के साथ,
तेरे आने का इशारा अभी बाकी है।
2
हमने चाहा तुझे दिल से भी ज़्यादा,
तू ही था मेरी हर दुआ का इरादा,
वक़्त ने दूर तो कर दिया हमको,
पर तेरा नाम है अब भी लबों पर सादा।
3
तेरी आँखों में जो सागर था गहरा,
उसमें डूबा था मेरा दिल सुनहरा,
अब किनारों पे खड़ा सोच रहा हूँ,
कहाँ खो गया वो साथ हमारा।
4
ख़ामोशी में भी तेरी आवाज़ आती है,
हर धड़कन में तेरी याद समाती है,
तू पास नहीं फिर भी लगता है यूँ,
जैसे हर सांस तेरा नाम गुनगुनाती है।
5
वो जो वादा था कभी साथ निभाने का,
अब किस्सा है बस यादों में आने का,
दिल आज भी इंतज़ार करता है,
उस अधूरी सी मुलाक़ात दोहराने का।
6
रात भर चाँद से बातें करते रहे,
तेरी यादों में आँसू भरते रहे,
सुबह आई तो लगा ये समझ,
हम खुद से ही सवाल करते रहे।
7
तेरी मुस्कान में जादू सा असर था,
दिल को हर बार तुझी पर ही नज़र था,
अब जो तू दूर है तो लगता है,
सारा जहाँ जैसे बेअसर था।
8
इश्क़ ने हमको कहाँ से कहाँ ला दिया,
हर खुशी का मोल आँसू बना दिया,
फिर भी शिकवा नहीं तुझसे कोई,
तूने जीना ही एक फ़साना बना दिया।
9
तेरी राहों में बिछे थे अरमान,
हर कदम पर लिखा था तेरा नाम,
अब जो तू मुड़ गया है पीछे,
सूना लगता है मेरा जहान।
10
दिल की दुनिया में उजाला था कभी,
तेरे होने का सहारा था कभी,
अब तो तन्हाई ही साथी है मेरी,
जो हर दर्द में हमारा था कभी।
11
तू मिला तो लगा रब मिल गया,
हर ग़म जैसे पल में ही ढल गया,
अब जो तू दूर है मेरी नज़रों से,
हर सपना अधूरा सा निकल गया।
12
वो जो हँसता था मेरे साथ कभी,
आज चुप है वो हालात सभी,
दिल पूछे हर रात यही,
कहाँ खो गई वो बात सभी।
13
तेरे बिना ये दिल लगता नहीं,
कोई भी अब अपना लगता नहीं,
भीड़ में रहकर भी तन्हा हूँ मैं,
कोई चेहरा सच्चा लगता नहीं।
14
मोहब्बत की राहें आसान न थीं,
दिल की बातें कभी बयान न थीं,
फिर भी तुझसे जुड़ा रहा ये दिल,
चाहे किस्मत मेहरबान न थीं।
15
तेरी यादें मेरी ताकत बन गईं,
हर मुश्किल में राहत बन गईं,
तू चाहे पास न हो अब मगर,
तेरी बातें मेरी आदत बन गईं।
16
वो पल जो तेरे संग बिताए थे,
आज भी दिल में सजाए थे,
हर लम्हा जैसे ठहर सा गया,
जब तेरे ख्वाबों में आए थे।
17
आँखों में नमी, लबों पे हँसी,
दिल में छुपी है एक कमी,
तेरे जाने के बाद ऐ सनम,
हर खुशी लगती है अधूरी सी।
18
इश्क़ में हमने सब कुछ हार दिया,
दिल को तेरे नाम कर दिया,
अब जो तू ही बेवफ़ा निकला,
तो खुद को ही सवाल कर दिया।
19
तेरी राह में खुद को मिटाया,
हर दर्द को हँसकर अपनाया,
फिर भी तू समझ न पाया मुझे,
दिल ने तुझको ही खुदा बनाया।
20
हर शाम तेरी याद में ढलती है,
हर सुबह तेरे नाम से निकलती है,
तू दूर सही मगर ये सच्चाई है,
मेरी दुनिया तुझसे ही चलती है।
21
वो जो कहता था साथ रहेगा,
हर मुश्किल में हाथ देगा,
आज वही चुप खड़ा है दूर,
जैसे कोई रिश्ता न देगा।
22
तेरे ख्यालों का असर कुछ यूँ है,
हर लम्हा जैसे रुक सा गया है,
दिल कहता है फिर मिल जाएँ,
पर वक़्त जैसे थम सा गया है।
23
तेरी आवाज़ में सुकून था कभी,
हर दर्द में जूनून था कभी,
अब बस यादों का कारवां है,
जो दिल का कानून था कभी।
24
तू जो रूठा तो जहाँ रूठ गया,
हर सपना जैसे टूट गया,
दिल अब भी तुझको पुकारे,
पर हर जवाब छूट गया।
25
तेरे बिना अधूरी सी कहानी है,
दिल की बस यही जुबानी है,
तू लौट आ मेरे हमसफ़र,
यही रूह की मेहरबानी है।
26
हर दुआ में तेरा नाम लिया,
हर ख्वाब में तेरा जाम पिया,
अब जो तू ही दूर चला गया,
दिल ने खुद को ही थाम लिया।
27
तेरे आने से बहार आई थी,
हर खुशी जैसे मुस्काई थी,
अब पतझड़ सा मौसम है दिल में,
जब से तूने दूरी बनाई थी।
28
तन्हाई का आलम कुछ ऐसा है,
हर चेहरा अब पराया सा है,
दिल ढूंढे तुझको हर जगह,
पर तू जैसे हवा सा है।
29
तेरे इश्क़ में खुद को भुला दिया,
हर ग़म को भी हँसकर सुला दिया,
अब जो तू नहीं साथ मेरे,
दिल ने खुद को ही समझा दिया।
30
मोहब्बत का ये सफर अधूरा है,
दिल आज भी तुझपे मजबूरा है,
शायद फिर मिलें किसी मोड़ पर,
यही उम्मीद ही मेरा नूरा है।

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