हिंदी ग़ज़ल

खामोशी भी अब कुछ कहती है तेरी यादों में आँखें बहती हैं दूर होकर भी तू पास लगे दिल की धड़कन यही कहती है।
हर दुआ में तेरा नाम लिया हर लम्हा तुझको थाम लिया रब से भी पहले तुझको चाहा दिल ने तुझे ही इमाम किया।
ग़म की राहों में भी हँसते रहे ज़ख्म दिल के मगर बसते रहे तेरी यादों का सहारा लेकर हम अँधेरों में भी चलते रहे।
तेरे आने से निखर जाती है शाम तेरे जाने से बिखर जाता है नाम तू ही है मेरे दिल की धड़कन तुझसे ही मेरी हर सुबह-ओ-शाम।
चाँद भी तेरे आगे फीका लगे सूरज भी तेरा दीवाना लगे तेरी हँसी में है जादू ऐसा हर मौसम सुहाना लगे।
दिल की किताब में तेरा नाम लिखा हर पन्ने पर तेरा पैगाम लिखा मिटा न सकेगा कोई भी इसे मैंने इसे खून-ए-जिगर से लिखा।
तेरी चाहत में खुद को भुलाया है हर ग़म को भी गले लगाया है मोहब्बत अगर ये सज़ा है तो हमने इसे दिल से अपनाया है।
हर लम्हा तेरी तलाश रही दिल में बस तेरी ही प्यास रही दूर होकर भी तू पास लगे यही मेरी सबसे बड़ी आस रही।
वक्त की धूप में जलते रहे तेरी छाँव में पलते रहे तेरे बिना जो भी मिला मुझको बस अधूरे से सपने रहे।
आँखों में तेरी तस्वीर रही दिल में तेरी तदबीर रही हर मोड़ पर तेरा साथ मिला जैसे किस्मत की तहरीर रही।
तेरे बिना जो सुकून न मिला कहीं भी कोई जुनून न मिला तू जो मिला तो लगा यूँ मुझको जैसे खुदा से सिला मिला।
रात भर तेरी याद सताती है नींद भी मुझसे रूठ जाती है सुबह होते ही फिर लगता है ज़िंदगी मुस्कुराती है।
तेरी हँसी में बसा है जहाँ तेरी खुशी में है मेरी जान तू जो रहे तो सब कुछ है वरना सूना है हर मकान।
दिल की दुनिया अजब कहानी है हर खुशी भी यहाँ रवानी है जो मिला है उसे संभाल के रख वर्ना हर चीज़ फ़ानी है।
तेरे इश्क़ ने बदला मिज़ाज मेरा हर ग़म में भी पाया है राज़ मेरा अब तो बस यही आरज़ू है दिल की तू ही रहे हमराज़ मेरा।

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