Type Here to Get Search Results !

शेर

दिल की बस्ती में उजाला सा हुआ तेरी यादों का हवाला सा हुआ।
वक़्त ने हमको बहुत कुछ सिखाय जिसे चाहा वही छोड़कर गया।
इश्क़ में हार भी जीत लगती है तेरी हर बात संगीत लगती है।
तन्हाई में अक्सर रो लेते हैं दर्द को चुपचाप ढो लेते हैं।
तेरे बिना ये दिल नहीं लगता हर खुशी का रंग फीका लगता।
ख़्वाब आँखों में सजाए रखे तेरे वादे भी निभाए रखे।
रात भर चाँद को निहारा हमने नाम तेरा ही पुकारा हमने।
जो अपना था वही पराया निकला दिल का हर ख्वाब साया निकला।
हर सुबह तेरी याद जगाती है दिल में हल्की सी आग लगाती है।
किस्मत से ज्यादा चाहा था तुझे शायद इसलिए खो दिया तुझे।
दिल को समझाना आसान नहीं इश्क़ करना भी मेहमान नहीं।
तेरी हँसी में सुकून मिलता है जीने का फिर जुनून मिलता है।
हमने चाहा तुझे टूटकर तूने छोड़ा हमें सोचकर।
ज़िंदगी एक अधूरी किताब है हर पन्ने में तेरा हिसाब है।
अब मुस्कुराने की वजह नहीं तेरे बिना कोई सुबह नहीं।

Tags

Post a Comment

0 Comments
* Please Don't Spam Here. All the Comments are Reviewed by Admin.