तेरी हँसी अब याद बन गई मेरी खुशी बर्बाद बन गई।
आँखों में नमी सी रहती है दिल में कमी सी रहती है।
हमने हर दर्द छुपा लिया बस नाम तेरा ही बचा लिया।
कभी सोचा था तेरे संग जिएंगे अब तेरी यादों के संग जीते हैं।
दिल को टूटने की आदत हो गई हर खुशी जैसे इजाज़त हो गई।
किस्मत से ज्यादा चाहा था तुझे शायद इसलिए खो दिया तुझे।
खामोश लबों में कहानी है आँखों में बस वीरानी है।
तेरी मोहब्बत अधूरी रह गई मेरी जिंदगी मजबूरी बन गई।
अब तो आँसू भी थक गए हैं दर्द कहने से डर गए हैं।
हर मोड़ पे तेरा इंतज़ार किया फिर भी तूने इनकार किया।
दिल से निकली हर दुआ बेअसर गई मेरी मोहब्बत यूँ ही बिखर गई।
जो साथ था वो ख्वाब निकला मेरा अपना ही अजनबी निकला।
जख्म दिल का दिखता नहीं पर दर्द कभी मिटता नहीं।
तू खुश रहे यही दुआ है मेरी भले अधूरी रह गई कहानी मेरी।
अब मुस्कुराने की वजह नहीं तेरे बिना कोई सुबह नहीं।
सैड शायरी
0
Tags
.jpeg)