हिंदी ग़ज़ल,

तेरी यादों की धूप में जलता रहा दिल रात भर चाँद से बातें करता रहा दिल।
हमने चाहा था सुकून तेरे साथ मगर इश्क़ ने सिखाया सब्र हर बात।
मुस्कुराहट का हुनर सीख लिया हमने वरना दर्द हर पल चेहरा पढ़ लेता।
खामोशी भी अब शिकायत करती है जब कोई अपना सुनना छोड़ देता है।
रात की तन्हाई ने सच बता दिया जो दिन के उजाले में छुपा लिया था।
जिसे अपना कहा हर दुआ में वही सबसे पहले बेगाना निकला।
ज़िंदगी ने बहुत कुछ सिखाया बस किसी पर पूरी तरह भरोसा नहीं।
खामोश दिल भी बहुत कुछ कहता है बस सुनने वाला कोई नहीं मिलता।
तेरी कमी हर साँस में महसूस हुई हर खुशी तुझ बिन अधूरी सी लगी।
हम आज भी उसी मोड़ पर खड़े हैं जहाँ तेरी बातों ने छोड़ दिया था।
वक्त ने सब बदल दिया यहाँ पर कुछ जख्म आज भी हरे हैं।
मोहब्बत में जीत किसी की नहीं यहाँ हर दिल थोड़ा टूट जाता है।
तेरी तस्वीर आँखों में रह गई और ज़िंदगी आगे बढ़ती रही।
दर्द अब पहचान बन चुका है खुशी कभी-कभी मेहमान बनती है।
इश्क़ ने तोड़ा भी जोड़ा भी और जीने का मतलब सिखा दिया।

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