कभी सोचा न था यूँ जुदा हो जाओगे दिल से दूर और ख्वाबों में बस जाओगे।
तू मिला भी तो अधूरी कहानी बनकर और बिछड़ा भी तो यादों का पानी बनकर।
अब शिकायत भी किससे करें हम दर्द अपना है और अपने ही कम।
वो जो कहते थे साथ निभाएँगे आज वही राह बदल जाएँगे।
दिल को समझाया बहुत हमने पर ये तेरा नाम ही दोहराता है।
तन्हाई में अक्सर रो लेते हैं दर्द को चुपचाप ढो लेते हैं।
किसी को खोकर भी जीना पड़ता है आँखों को आँसू पीना पड़ता है।
तेरी यादों का सहारा है अभी वरना जीने का बहाना क्या है।
हमने चाहा था तुझे टूटकर तूने छोड़ा भी हमें सोचकर।
दिल की आवाज़ दबा दी हमने मुस्कुराने की सज़ा दी हमने।
तेरे बिना सब अधूरा लगता है हर सपना भी अब फीका लगता है।
वक़्त ने हमको बहुत कुछ सिखाया जिसे चाहा वही छोड़कर गया।
रात भर जागते रहे तेरी याद मे नींद भी रूठ गई फरियाद में।
जो अपना था वही पराया निकला दिल का हर ख्वाब परछाया निकला।
अब किसी से उम्मीद नहीं रखते दिल को हम बस खामोश रखते।
सैड शायरी
0
Tags
