हिंदी ग़ज़ल

दिल में तेरी याद का उजाला रहा रात भर चाँद भी संभाला रहा तू जो रूठा तो लगा यूँ मुझको जैसे हर ख्वाब अधूरा रहा।
तेरी आँखों में जो समंदर है उसी में डूबना मुकद्दर है तू मिले तो लगे ये जिंदगी रब का भेजा हुआ मंज़र है।
वक़्त बदला तो लोग बदलते गए आईनों में भी चेहरे ढलते गए हमने चाहा था जिनको जान से वो ही राहों में हमसे चलते गए।
तेरी आवाज़ में जादू सा है दिल पे हर लफ्ज़ काबू सा है तू जो पास आए तो लगता है हर मौसम ही महकू सा है।
रात की खामोशी कहती रही तेरी कमी दिल में रहती रही आँख से गिरते रहे आँसू रूह तेरी तरफ बहती रही।
तेरे संग हर शाम हसीन लगे तेरे बिन हर पल ग़मगीन लगे तू जो मुस्काए तो लगे जैसे हर दर्द भी संगीन लगे।
इश्क़ की राह में काँटे मिले फिर भी चाहत के दीपक जले तू जो साथ रहा हर मोड़ पे हम हर मुश्किल से यूँ ही चले।
तेरी यादों का सहारा है वरना दिल तो बेसहारा है तू जो मिल जाए एक बार हर दर्द फिर से गंवारा है।
चाँद भी आज कुछ उदास लगा तेरे बिन हर एहसास जुदा लगा दिल ने फिर भी यही दुआ की तू जहाँ हो वहाँ सदा लगा।
मुस्कुराहट तेरी पहचान रही दिल की हर धड़कन मेहमान रही तेरे बिन ये जिंदगी यूँ ही जैसे सूनी सी दास्तान रही।
राह में जब अंधेरा छाया तेरी यादों ने दीप जलाया हर तूफान से लड़ते-लड़ते तेरा नाम ही काम आया।
तू जो नजरों से दूर हुआ दिल का हर कोना चूर हुआ ख्वाब जो सजाए थे हमने हर ख्वाब ही बेनूर हुआ।
तन्हाई में खुद से बात हुई हर लफ्ज़ में तेरी जात हुई दिल ने फिर से पुकारा तुझे हर सांस में तेरी बात हुई।
इश्क़ की ये अजीब कहानी हँसी में भी छुपी है रवानी दिल के कोने में आज भी तेरी यादों की है निशानी।
तू जो साथ हो तो डर कैसा तेरे बिन ये सफर कैसा हर मोड़ पे बस नाम तेरा तेरे बिन ये असर कैसा।

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