तेरी एक मुस्कान ही काफ़ी है मेरे हर दर्द को सुलाने के लिए।
तू पास हो या दूर फर्क नहीं पड़ता मोहब्बत तो दिल से निभाई जाती है।
तेरा नाम लूँ तो सुकून मिल जाता है जैसे हर परेशानी ठहर जाती है।
तेरी आदत-सी हो गई है मुझे अब तुझसे दूरी भी मुलाक़ात लगती है।
दिल ने तुझे चाहा है किसी दुआ की तरह जो पूरी न हो फिर भी सुकून दे।
तेरी एक नज़र ने सब कुछ बदल दिया जो अधूरा था उसे भी मुकम्मल कर दिया।
तू साथ हो तो हर रास्ता आसान लगे तेरे बिना हर मंज़िल भी वीरान लगे।
मोहब्बत लफ़्ज़ों की मोहताज नहीं होती एक एहसास ही काफ़ी होता है।
तेरे ख्यालों में ही सिमट जाती है दुनिया अब बाहर कुछ खास नहीं लगता।
तेरा होना ही मेरी सबसे बड़ी खुशी है बाक़ी सब तो बस वजहें हैं।
दिल हर रोज़ तुझसे कुछ कहना चाहता है पर तेरी एक हँसी में सब कह जाता है।
तेरी यादें भी कितनी अजीब हैं दूर रहकर भी पास होने का एहसास देती हैं।
तुझसे बात न हो तो दिन अधूरा लगता है जैसे धूप हो पर उजाला न हो।
इश्क़ वही है जो सुकून भी दे और बेचैनी भी उसी से हो।
अगर मोहब्बत की कोई परिभाषा हो तो वो बस तू हो।
