Homedemo demo nisha January 20, 2026 0 हमने खामोशियों को भी पढ़ना सीख लिया तेरी आँखों ने जो अनकही सदा की बात की वक़्त की भीड़ में खो न जाए पहचान कहीं इश्क़ ने सबसे पहले ख़ुदा की बात की। Newerdemo Older