हिंदी ग़ज़ल

दिल की बस्ती में अजब सन्नाटा है जिसे चाहा वही हमसे रूठा है। वक़्त के साथ सब बदल जाते हैं अपने भी दूर निकल जाते हैं। मोहब्बत का अंजाम अक्सर यही होता है दिल रोता है और चेहरा हँसता है। जिसे अपना समझा वही पराया निकला दिल का हर सपना अधूरा निकला। तन्हाई ने जब से साथ पकड़ा है भीड़ में भी दिल अकेला लगता है। ख़ामोशी बहुत कुछ कह जाती है जब दर्द हद से गुजर जाता है। कुछ यादें दिल से जाती नहीं चाहे लोग साथ निभाते नहीं। आँखों में छुपा दर्द कौन समझे हर कोई मुस्कान ही देखता है। ज़िंदगी ने हर मोड़ पर आज़माया फिर भी दिल ने हिम्मत नहीं गँवाया। दिल से निकली दुआ असर कर जाती है सच्ची मोहब्बत कभी मर नहीं जाती। रिश्ते अक्सर टूट जाते हैं जब अपने ही रूठ जाते हैं। इश्क़ ने हमें बहुत कुछ सिखाया हँसते-हँसते दर्द छुपाना सिखाया। कुछ लोग दिल में बस जाते हैं किस्मत में भले न आते हों। हर खुशी के पीछे एक दर्द छुपा है ज़िंदगी ने यही सबक दिया है। दिल आज भी उसी को चाहता है जो कभी हमारा हुआ ही नहीं।
दिल की बस्ती में अजब सन्नाटा है जिसे चाहा वही हमसे रूठा है।
वक़्त के साथ सब बदल जाते हैं अपने भी दूर निकल जाते हैं।
मोहब्बत का अंजाम अक्सर यही होता है दिल रोता है और चेहरा हँसता है।
जिसे अपना समझा वही पराया निकला दिल का हर सपना अधूरा निकला।
तन्हाई ने जब से साथ पकड़ा है भीड़ में भी दिल अकेला लगता है।
ख़ामोशी बहुत कुछ कह जाती है जब दर्द हद से गुजर जाता है।
कुछ यादें दिल से जाती नहीं चाहे लोग साथ निभाते नहीं।
आँखों में छुपा दर्द कौन समझे हर कोई मुस्कान ही देखता है।
ज़िंदगी ने हर मोड़ पर आज़माया फिर भी दिल ने हिम्मत नहीं गँवाया।
दिल से निकली दुआ असर कर जाती है सच्ची मोहब्बत कभी मर नहीं जाती।
रिश्ते अक्सर टूट जाते हैं जब अपने ही रूठ जाते हैं।
इश्क़ ने हमें बहुत कुछ सिखाया हँसते-हँसते दर्द छुपाना सिखाया।
कुछ लोग दिल में बस जाते हैं किस्मत में भले न आते हों।
हर खुशी के पीछे एक दर्द छुपा है ज़िंदगी ने यही सबक दिया है।
दिल आज भी उसी को चाहता है जो कभी हमारा हुआ ही नहीं।

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