सैड शायरी,

कभी सोचा न था कि वो दिन भी आएगा जब मुस्कुराना भी मजबूरी बन जाएगा।
दिल तो आज भी वही है बस उम्मीदें कम हो गई हैं।
जिसे अपना समझा था वो ही सबसे दूर निकल गया।
आँखों में आँसू और दिल में दर्द बस यही कहानी रह गई।
कुछ रिश्ते बस यादों में रह जाते हैं हकीकत में नहीं।
हमने दिल से चाहा था जिसे उसने हमें दिल से निकाला।
अब किसी से शिकायत नहीं बस खुद से ही नाराज़ हैं।
तन्हाई अब अच्छी लगने लगी है कम से कम धोखा तो नहीं देती।
वो बदल गए वक़्त के साथ और हम आज भी वहीं खड़े हैं।
दर्द छुपाना भी एक हुनर है जो हर किसी को नहीं आता।
मुस्कुराहट के पीछे दर्द छुपा है कोई देख नहीं पाता।
दिल आज भी उसका इंतज़ार करता है जो कभी लौटकर नहीं आएगा।
हर किसी को खुश रखते-रखते हम खुद ही उदास हो गए।
यादें मिटती नहीं बस दिल को रुलाती रहती हैं।
कभी हम भी किसी की दुनिया थे आज बस एक कहानी बन गए।

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