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सैड शायरी

हम हँसते रहे सबके सामने अंदर से हर रोज़ टूटते रहे।
जिसे अपना समझा था हमने वही सबसे बड़ा दर्द दे गया।
कुछ रिश्ते वक़्त के साथ बदल गए और कुछ याद बनकर रह गए।
दिल की ख़ामोशी भी चीख़ती है बस सुनने वाला कोई नहीं होता।
हमने हर किसी को अपना माना और हर बार खुद को अकेला पाया।
वो दूर गया तो एहसास हुआ कमी क्या होती है ज़िंदगी में।
आँखों में आँसू, होंठों पर मुस्कान यही हमारी पहचान बन गई।
हम आज भी उसी मोड़ पर हैं जहाँ तुमने छोड़ दिया था।
दर्द इतना गहरा है कि आँसू भी अब डरते हैं निकलने से।
हमने शिकायत करना छोड़ दिया क्योंकि किसी को फर्क ही नहीं पड़ा।
जिसे चाहा बेइंतहा उसी ने हमें बेवजह छोड़ दिया।
ख़ामोशी का भी एक शोर होता है जो सिर्फ़ टूटा दिल सुनता है।
हम मजबूत दिखते रहे दुनिया को और अंदर से बिखरते रहे।
वक़्त ने सिखा दिया अकेले रहना वरना हम भी कभी बहुत नाज़ुक थे।
कुछ कहानियाँ अधूरी ही अच्छी होती हैं वरना दर्द और बढ़ जाता है।

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