एक छोटे से शहर में रोहन और सिया साथ पढ़ते थे।
दोस्ती कब प्यार में बदल गई, दोनों को पता ही नहीं चला।
कॉलेज खत्म हुआ तो ज़िंदगी ने दोनों को अलग रास्तों पर भेज दिया।
रोहन नौकरी के लिए दूसरे शहर चला गया,
और सिया अपने परिवार की ज़िम्मेदारियों में उलझ गई।
बातें कम होने लगीं,
दूरी बढ़ने लगी…
लेकिन दिलों की दूरी कभी नहीं बढ़ी।
कई साल बाद एक दिन,
अचानक उसी पुराने शहर के स्टेशन पर दोनों आमने-सामने खड़े थे।
पहले जैसी मुस्कान, वही अपनापन।
सिया ने हल्की मुस्कान के साथ कहा,
“इतने साल बाद भी याद है मुझे?”
रोहन ने जवाब दिया,
“कुछ लोग भूलने के लिए नहीं होते,
दिल में बसने के लिए होते हैं।”
उस दिन दोनों ने समझा —
सच्चा प्यार दूरी से नहीं,
दिल से जुड़ा होता है।
और इस बार, उन्होंने एक-दूसरे का हाथ कभी न छोड़ने का फैसला किया। ❤️

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