हम हँसते रहे दुनिया के लिए और रोते रहे खुद के लिए।
जिसे अपना समझा था दिल से वही सबसे बड़ा सबक बन गया।
खामोशी अब सबसे अच्छी दोस्त है कम से कम सवाल तो नहीं करती।
हर वादा आज भी याद है मुझे बस वो निभाने वाला नहीं रहा।
रातें लंबी हो गई हैं अब नींद भी दर्द से डरती है।
हमने छोड़ना नहीं सीखा था लोगों ने छोड़ कर सिखा दिया।
दिल थक गया है समझाते-समझाते कि हर अपना सच्चा नहीं होता।
कुछ जख्म दिखते नहीं हैं मगर दर्द बहुत देते हैं।
तेरी कमी आज भी महसूस होती है बस अब शिकायत नहीं करते।
हम टूटे जरूर हैं मगर बिखरे नहीं — ये भी एक दर्द है।
मोहब्बत ने बहुत कुछ सिखाया खुश रहना बस नहीं सिखाया।
आँसू बहाना अब कमजोरी नहीं ये दिल के बोझ का इलाज है।
हम आज भी वही हैं बस भरोसा कहीं खो गया है।
दर्द जब हद से बढ़ जाता है तो इंसान खामोश हो जाता है।
कुछ लोग हमेशा याद रहते हैं चाहे वो साथ रहें या नहीं।
सैड शायरी
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