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सैड शायरी

हम हँसते रहे दुनिया को दिखाने के लिए आँसू छुपाए दिल को समझाने के लिए जो अपना था वही छोड़ गया हमें तन्हाई ही बची अब निभाने के लिए।
जिसे दिल से चाहा वो दूर हो गया हर सपना आँखों के सामने चूर हो गया हम पूछते रहे अपनी ही किस्मत से आख़िर हमारा कसूर क्या हो गया?
खामोशी अब आदत बन चुकी है दर्द की भाषा समझ आ चुकी है लफ़्ज़ साथ छोड़ जाते हैं अक्सर आँखों ने कहानी कह दी है।
हर मुस्कान के पीछे ग़म छुपा है दिल अंदर से पूरी तरह टूटा है लोग कहते हैं हम खुश रहते हैं उन्हें क्या पता हम कैसे जी रहे हैं।
वो छोड़ गए बिना कुछ कहे और हम सवालों में ही रह गए रातें लंबी होती चली गईं नींद और सुकून दोनों खो गए।
हमने भरोसा किया टूटकर और चोट लगी दिल के अंदर अब डर लगता है किसी से भी क्योंकि दर्द रह गया है उम्र भर।
तेरी यादें अब भी सताती हैं हर रात हमें रुला जाती हैं नींद आती है तो टूट जाती है तेरे ख्यालों में ही रह जाती है।
तन्हाई अब डराती नहीं क्योंकि अपना सा एहसास देती है जब लोग छोड़कर चले जाते हैं यही सबसे ज़्यादा साथ देती है।
हम आज भी वही खड़े हैं जहाँ तुमने छोड़ा था हमें वक़्त आगे बढ़ गया बहुत पर दिल वहीं अटका है अब भी।
दिल ने चाहा बहुत समझाना पर आँखों ने सब बता दिया जो दर्द लफ़्ज़ों में नहीं था वो एक आँसू ने सुना दिया।
वो बदल गए वक्त के साथ और हम इंतज़ार करते रह गए उन्हें फर्क भी नहीं पड़ा शायद और हम खुद से ही टूटते रह गए।
दर्द इतना है कि सहा नहीं जाता और बताया भी नहीं जाता चेहरा हँसता हुआ दिखता है पर दिल रोज़ मर जाता है।
कभी लगता है सब ठीक है फिर एक याद सब बिखेर देती है हम संभलते भी हैं मुश्किल से और किस्मत फिर चोट दे देती है।
अब किसी से उम्मीद नहीं रखते क्योंकि टूटने का हौसला नहीं बचा दिल बहुत थक चुका है अब बस चुप रहना ही सहारा बचा।
मोहब्बत ने बहुत कुछ सिखाया पर खुश रहना सिखा न पाई हमने दिल से चाहा जिसे वही सबसे बड़ी जुदाई बन पाई।

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