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हिंदी ग़ज़ल

तेरी यादों की बारिश में भीगता रहा दिल हर पल तेरा नाम लिखता रहा।
हमने चाहा जिसे दिल की ज़मीं समझकर वो हर बार ख्वाब बनकर टूटता रहा।
मुस्कुराहट के पीछे छुपा दर्द क्या कहे हर चेहरा यहाँ खुद से ही जूझता रहा।
इश्क़ ने हमसे सब कुछ छीन लिया फिर भी दिल उसी से उम्मीद करता रहा।
रातें गवाह हैं मेरी तन्हाई की चाँद भी खामोशी से सुनता रहा।
जिसे अपना कहा उम्र भर के लिए वो हर मोड़ पर हमसे बिछड़ता रहा।
ज़िंदगी ने सिखाया है चुप रहना हर दर्द लफ़्ज़ों से आगे बढ़ता रहा।
खामोश दिल की भी एक आवाज़ होती है जो अंदर ही अंदर टूटता रहा।
तेरी कमी हर साँस में महसूस हुई दिल हर पल तुझे ढूँढता रहा।
हर खुशी अधूरी सी लगती है जब तेरी याद साथ चलता रहा।
दिल ने बहुत चाहा तुझे भूल जाना पर हर दुआ में तेरा नाम आता रहा।
वक्त ने बदला सब कुछ यहाँ पर दर्द वही पुराना रह गया।
मोहब्बत में जीत किसी की नहीं हर दिल थोड़ा-सा हारता रहा।
तेरी तस्वीर दिल में बस गई हर राह मुझसे मेरी खुशी ले गई।
इश्क़ ने तोड़ा भी जोड़ा भी और जीने का हुनर सिखा गया।

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