रिश्तों की भी अजीब कहानी है पास रहकर भी दूरी निभानी है।
दिल आज भी तेरा नाम लेता है पर तू अब जवाब नहीं देता है।
किस्मत ने फिर खेल खेला जो अपना था वही पराया निकला।
आँसू भी अब थक गए हैं तेरी यादों से लड़ते-लड़ते।
हम हँसते रहे दुनिया के लिए और अंदर से रोते रहे तेरे लिए।
तूने तो कहा था हमेशा साथ रहेगा पर वक्त ने तेरा इरादा बदल दिया।
दिल को समझाया बहुत पर तेरी यादों ने मानने ना दिया।
जिन रास्तों पर साथ चले थे आज वहीं अकेले चल रहे हैं।
मोहब्बत अधूरी ही अच्छी थी पूरी होती तो शायद दर्द कम होता।
हर दुआ में तेरा नाम था अब बस खाली सा एहसास है।
तू खुश है तो शिकायत क्या बस दिल को समझाना मुश्किल है।
हमने तो तुझमें खुद को पाया था तूने हमें बस एक किस्सा बनाया था।
दर्द की आदत सी हो गई है अब खुशी भी अजनबी लगती है।
वो वादे आज भी याद हैं जो निभाने का इरादा नहीं था।
दिल अब भी तेरा इंतज़ार करता है शायद तू लौट आए — ये ख्वाब रखता है।
सैड शायरी
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