Type Here to Get Search Results !

हिंदी ग़ज़ल

दिल में छुपा के रखी है तेरी हर बात हमने यूँ ही नहीं की है तुझसे मुलाकात हमने।
तेरी यादों का असर आज भी बाकी है वरना इस दिल में कहाँ इतनी खलिश बाकी है।
वक़्त की धूप ने चेहरा बदल दिया दिल का आईना मगर सच ही कह गया।
हमने चाहा जिसे वो हमारा न हुआ किस्मत का फैसला भी गवारा न हुआ।
तेरी राहों में बिछा दी थी नज़र हमने फिर भी मंज़िल का पता न मिला हमें।
ख़ामोशी भी अब शोर मचाने लगी है तेरी याद हर रात जगाने लगी है।
इश्क़ की राह में काँटे ही काँटे मिले फूल कम थे मगर ज़ख्म बहुत मिले।
हमने हर दर्द को हँसकर छुपाया है तेरी खातिर ये दिल भी आज़माया है।
चाँद भी आज उदास नज़र आता है शायद उसे भी तेरा इंतज़ार सताता है।
रात भर जागते रहे तेरी याद में सुबह आई मगर सुकून न आया दिल में।
जो वादे किए थे तूने कभी आज वो लफ़्ज़ भी बेगाने लगे।
मोहब्बत का अंजाम यही होता है दिल रोता है और ज़माना हँसता है।
तेरी बेरुख़ी ने ये हाल कर दिया खुशियों ने भी सवाल कर दिया।
हम तो तुझमें ही दुनिया देख बैठे तूने हमको ही तमाशा समझ बैठे।
ज़िंदगी से यही शिकवा रहा जो चाहा वो कभी मिला ही नहीं।

Post a Comment

0 Comments
* Please Don't Spam Here. All the Comments are Reviewed by Admin.