दिल की हालत किसी से कह न सके हँसते रहे मगर दर्द सह न सके।
तेरी यादों का बोझ इतना है नींद आती है मगर सो न सके।
जिसे अपना समझा था हमने वही आज बेगाना निकला।
आँखों में नमी सी रहती है तेरी कमी सी रहती है।
हमने चाहा था उम्र भर साथ वो दो पल में दूर चला गया।
किस्मत से क्या शिकवा करें जिसे चाहा वही पराया मिला।
दिल को समझाया बहुत मगर ये तेरा नाम ही पुकारता रहा।
तन्हाई में अब सुकून मिलता है लोगों में दिल घबराता है।
टूटे हुए ख्वाबों का क्या करें अब तो हकीकत भी रुलाती है।
तेरे बाद किसी से दिल न लगा जख्म इतना गहरा था।
वो वादा करके भूल गया हम इंतज़ार में ही रह गए।
दिल की दुनिया उजड़ गई जब से तेरी याद बिखर गई।
हम हँसते रहे सबके सामने अंदर से मगर टूटते रहे।
तेरी बेरुखी ने ये सिखा दिया अब किसी से दिल न लगाएँगे।
हर रात तेरी यादों में कटती है हर सुबह खाली सी लगती है।
हिंदी सैड शायरी
0
Tags
