हमने खामोशी से निभाया हर रिश्ता और लोग कहते हैं हमें बोलना नहीं आता।
वो पूछते हैं दर्द क्या होता है जिन्हें कभी टूटकर चाहा ही नहीं।
दिल ने जिसे अपना माना था वही सबसे बड़ा सबक बन गया।
कुछ लोग यादों में अच्छे लगते हैं हकीकत में नहीं।
हम आज भी वही हैं बस भरोसा करना छोड़ दिया है।
तेरी एक नज़र ने सब बदल दिया वरना हम भी आम से थे।
इश्क़ ने सिखाया खामोश रहना वरना बोलने में तो हम भी माहिर थे।
लफ़्ज़ कम पड़ जाते हैं जब दर्द ज़्यादा हो।
तन्हाई से दोस्ती कर ली हमने अब किसी की कमी नहीं खलती।
हम टूटे जरूर हैं पर बिखरे नहीं।
वक़्त ने सिखा दिया हर अपना… अपना नहीं होता।
जिसे समझा सबसे खास वही सबसे दूर निकल गया।
दिल की किताब में कई पन्ने हैं कुछ पढ़े गए कुछ फाड़ दिए गए।
हमने छोड़ना नहीं सीखा इसलिए अक्सर टूट जाते हैं।
अकेले चलना सीख लिया हमने अब भीड़ का शोर नहीं चाहिए।
Sher-O-Shayari
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