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हिंदी ग़ज़ल


तेरी यादों का असर आज भी बाक़ी है दिल में छुपा वो हुनर आज भी बाक़ी है।
हमने छोड़ी नहीं आदत मुस्कुराने की वरना आँखों में नमी आज भी बाक़ी है।
वो जो वादा करके गए थे लौट आने का उन लफ़्ज़ों का सफ़र आज भी बाक़ी है।
ख़ामोशी ने सिखाया बहुत कुछ हमें हर बात कहने का हुनर आज भी बाक़ी है।
हम अकेले ही चले थे इस राह पर पर तेरा नाम हमसफ़र आज भी बाक़ी है।
वक़्त ने बदला बहुत कुछ ज़िंदगी में पर दिल का दर्द मगर आज भी बाक़ी है।
तेरे बिना भी जीना सीख लिया हमने पर जीने की वजह आज भी बाक़ी है।
हमने जलाया था ख़ुद को रोशनी के लिए उस आग की तपिश आज भी बाक़ी है।
हर मोड़ पर मिली नई कहानी हमें पर पहली मोहब्बत आज भी बाक़ी है।
हमने हर ख़्वाब को दफ़न कर दिया पर एक सपना अधूरा आज भी बाक़ी है।
लोग कहते हैं हम बदल गए हैं बहुत पर दिल की सादगी आज भी बाक़ी है।
टूट कर बिखर गए थे कभी हम भी फिर भी थोड़ा सा सब्र आज भी बाक़ी है।
तेरी बेरुख़ी ने बहुत कुछ सिखा दिया पर तुझसे उम्मीद आज भी बाक़ी है।
हमने खुद को समझा लिया हर हाल में पर तुझसे शिकायत आज भी बाक़ी है।
ग़ज़ल तो मुकम्मल हो गई लफ़्ज़ों में मगर उसका मतलब आज भी बाक़ी है।

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