तेरे साथ बिताया हर पल खास तेरे बिन हर लम्हा उदास।
दिल की धड़कन तेरा नाम पुकारे हर ख्वाब तुझे ही संवारे।
वो वादा करके भूल गया हम इंतज़ार में ही रह गए।
तेरी हँसी से रौशन जहाँ तेरे ग़म से सूना जहाँ।
किस्मत से क्या शिकायत करें जिसे चाहा वही दूर मिला।
तेरी यादों का समंदर गहरा दिल का हर जख्म ठहरा।
हम हँसते रहे सबके सामने अंदर से मगर टूटते रहे।
तेरे बिना अधूरी कहानी जैसे सूनी कोई निशानी।
दिल के टुकड़े समेटते रहे लोग तमाशा देखते रहे।
तेरी बेरुखी ने सिखा दिया अब किसी से दिल न लगाएँगे।
हर शाम तेरा इंतज़ार रहा हर सुबह तेरा ही खुमार रहा।
तू जो रूठे तो जहाँ रूठे तेरे बिन सब कुछ टूटे।
तेरे लौट आने की आस नही फिर भी दिल को विश्वास नहीं।
इश्क़ का ये सफर अजीब रहा हँसी में भी दर्द करीब रहा।
जिसे चाहा वही बेवफ़ा निकला दिल फिर भी उसी पे अटका।
शेर
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