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हम हँसते बहुत हैं सबके सामने पर दिल हर रात रोता है।
जिसे अपना समझा उम्र भर वही सबसे पहले छोड़ गया।
खामोशी अब जवाब देने लगी है जब हर सवाल दर्द बन गया।
हर वादा आज भी याद है बस निभाने वाला नहीं रहा।
रातें लंबी हो गई हैं अब नींद और सुकून दोनों खो गए।
हमने चाहा था साथ उम्र भर का मिला बस कुछ लम्हों का सफ़र।
दिल का हाल कोई क्या जाने यहाँ अपने भी समझ नहीं पाए।
आँखों में आँसू चेहरे पर हँसी यही बन गई है अब कहानी।
तेरी कमी हर सांस में महसूस होती है और तू कहता है—सब ठीक है।
वक्त ने सिखा दिया चुप रहना वरना दर्द हर बात पर छलक जाता।
मोहब्बत में हार मान लेना आसान है पर जुदाई सहना मुश्किल।
कुछ रिश्ते अधूरे ही अच्छे थे पूरे होकर बहुत रुला गए।
हम आज भी इंतज़ार करते हैं बिना ये जाने कि किसका।
दिल थक चुका है उम्मीद करते-करते अब खामोशी सुकून देती है।
दर्द ने इतना बदल दिया हमें कि खुशी भी अब अजनबी लगती है।
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