एक ऑफिस के सामने एक छोटा सा चाय का ठेला था। उस ठेले का मालिक था पप्पू। पप्पू की चाय तो ठीक-ठाक थी, लेकिन उसकी बातें इतनी मज़ेदार थीं कि लोग चाय से ज़्यादा उसकी कॉमेडी सुनने आते थे।
एक दिन ऑफिस के बॉस साहब आए। बोले,
“पप्पू, तुम्हारी चाय में ऐसा क्या है जो सब यहीं आते हैं?”
पप्पू मुस्कुराया और बोला,
“सर, चाय में तो बस अदरक है… लेकिन बातों में हल्का सा ‘तंज’ और थोड़ा सा ‘सच’ मिला देता हूँ!”
सब हँस पड़े।
अगले दिन पप्पू ने बोर्ड लगा दिया —
“यहाँ चाय के साथ फ्री में ऑफिस की टेंशन का इलाज भी मिलता है!”
अब तो हालत ये हो गई कि लोग मीटिंग से पहले और बाद में वहीं लाइन लगाने लगे।
एक दिन बॉस ने पूछा, “काम कब करोगे?”
एक कर्मचारी बोला,
“सर, पप्पू की चाय पीकर ही तो काम करने की हिम्मत आती है!”
बॉस भी हँस पड़े… और आखिर में खुद रोज़ दो कप पीने लगे।
सीख क्या मिली?
कभी-कभी ज़िंदगी की टेंशन दूर करने के लिए बस एक कप चाय और थोड़ा सा हँसी-मज़ाक ही काफी होता है। ☕😄
