🌹 प्रेम कहानी 🌹
आरव और अनाया की मुलाक़ात एक साधारण सी सुबह हुई थी।
कॉफी शॉप में अनाया की किताब गिर गई, और आरव ने उसे उठाकर मुस्कुराते हुए लौटा दी। उसी एक मुस्कान में कुछ ऐसा था, जो दिल को छू गया।
धीरे-धीरे बातें होने लगीं। छोटी-छोटी मुलाक़ातें आदत बन गईं। आरव को अनाया की खामोशी पसंद थी, और अनाया को आरव की बातें। दोनों को एहसास भी नहीं हुआ कि दोस्ती कब मोहब्बत में बदल गई।
एक दिन आरव ने कहा,
“अगर मैं हर सुबह तुम्हारा साथ माँग लूँ, तो क्या तुम दोगी?”
अनाया ने मुस्कुराकर जवाब दिया,
“अगर तुम हर शाम मेरा हाथ थामे रहो, तो ज़रूर।”
वक़्त बदला, मुश्किलें आईं, पर प्यार वही रहा।
क्योंकि सच्चा प्रेम साथ रहने से नहीं,
एक-दूसरे का साथ निभाने से होता है। ❤️
