सैड शायरी

दिल ने जिसे अपना माना वही दर्द दे गया हम हँसते रहे दुनिया में और दिल अंदर से रो गया।
तेरी यादों का सहारा है वरना दिल अकेला है तू पास नहीं मगर हर पल साथ लगता है।
हमने चाहा तुझे दिल से तू समझ न पाया कभी अब खामोशी ही साथी है और आँखों में नमी।
रिश्ते धीरे-धीरे टूट गए वक़्त के साथ छूट गए हम संभलते रह गए और अपने रूठ गए।
तेरे बिना ये शाम उदास है दिल आज भी तेरे पास है तू लौटकर आए या न आए मेरा इंतज़ार आज भी खास है।
कभी हम भी मुस्कुराते थे तेरे साथ सपने सजाते थे आज वही सपने टूट गए और हम अकेले रह गए।
दिल में दर्द छुपाए बैठे हैं आँखों में आँसू लाए बैठे हैं तू याद आए तो क्या करें तुझे दिल में बसाए बैठे हैं।
तू दूर गया तो लगा सब कुछ खो गया हँसी भी छूट गई दिल भी रो गया।
किस्मत ने साथ न दिया प्यार अधूरा रह गया दिल चाहकर भी तुझसे दूर रह गया।
अब शिकायत किससे करें सब अपनी जगह सही हैं दिल ही कमजोर निकला वरना लोग तो वही हैं।
तन्हाई ने हाथ थाम लिया जब सबने साथ छोड़ दिया अब सुकून उसी में है जिसे कभी डर समझ लिया।
तेरी यादों से भाग नहीं सकते दिल को समझा नहीं सकते प्यार इतना सच्चा था कि भूल भी नहीं सकते।
हमने जिसे दिल दिया वही दर्द दे गया अब दिल भी डरता है किसी से प्यार करने से।
रातें लंबी हो गईं नींद कहीं खो गई तेरी यादों की बारिश में ज़िंदगी भी रो गई।
आज भी इंतज़ार है तेरा दिल ने उम्मीद नहीं छोड़ी तू आए या न आए मोहब्बत हमने नहीं छोड़ी।

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