एक नई, दिल को छू लेने वाली प्रेम कहानी ✨

❤️ “दो अधूरे, एक मुकम्मल कहानी” ❤️



बरसात की एक शाम थी।
कॉफी शॉप की खिड़की के पास बैठी काव्या बाहर गिरती बूंदों को देख रही थी।
उसी पल दरवाज़ा खुला और अंदर आया आदित्य—भीगा हुआ, थोड़ी-सी हड़बड़ी में।

किस्मत ने दोनों को एक ही टेबल दे दी।

पहली मुलाक़ात में ज्यादा बातें नहीं हुईं,
बस हल्की मुस्कान,
और दो अनजाने दिलों की धड़कनें।

फिर मिलने लगे।
कॉफी से चाय,
और चाय से लंबी बातें।

काव्या अपने टूटे भरोसे की कहानी सुनाती,
आदित्य अपनी अधूरी ख़्वाहिशें।

धीरे-धीरे दोनों को एहसास हुआ—
दो अधूरे लोग मिलकर
कभी-कभी एक पूरी कहानी बना देते हैं।

एक दिन आदित्य ने पूछा,
“अगर फिर से दिल टूटे तो?”

काव्या मुस्कुराई—
“कम से कम इस बार टूटने से पहले जी तो लेंगे।”

वक़्त बीत गया।
रिश्ते ने नाम नहीं माँगा,
बस साथ माँगा।

एक सुबह,
आदित्य ने काव्या के हाथ में एक छोटा सा काग़ज़ थमाया।

उस पर लिखा था—

“इश्क़ वादा नहीं होता,
वो रोज़ निभाया जाता है।
अगर तुम चाहो,
तो मैं रोज़ निभाने को तैयार हूँ।”
❤️

काव्या की आँखों में आँसू थे,
लेकिन डर नहीं।

क्योंकि
ये प्रेम ज़िद नहीं था,
सुकून था। ❤️

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